Sunday, 11 June 2017

22 लाख पैकेज की नौकरी छोड़ बने IAS, पूछे गए थे ये सवाल




BIODATA
Name- Himanshu Jain
Attempt- 3
State- Haryana



जींद के हिमांशु जैन ने सिविल सर्विस एग्जाम में 44वां रैंक हासिल किया। हिमांशु जैन ने  यह उपलब्धि अपने तीसरे अटेंप्ट में हासिल किया। इससे पहले  भी एक बार 12 अंक से तो दूसरी बार 2 अंक से यूपीएससी क्लियर करने से चुक गए थे। लेकिन इस बार हिमांशु जैन ने कोई गलती नही की और यूपीएससी क्लियर कर दिया.
हिमांशु जैन ने बताया कि उन्होंने 3 से 4 महीने कोचिंग ली फिर दिल्ली में कमरा लेकर पढ़ाई की। हर रोज 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे।

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गूगल में 22 लाख पैकेज की नौकरी छोड़ शुरू की थी यूपीएससी की तैयारी

हिमांशु जैन ने गूगल में 22 लाख पैकेज की नौकरी को  छोड़ कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी. वे अपनी पढ़ाई जींद से पूरी की इसके बाद आईआईटी, हैदराबाद से कंप्यूटर में एमटेक की.आईएएस अफसर बनने का सपना देखने वाले हिमांशु जैन ने 22 लाख पैकेज की नौकरी छोड़ दी और यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में जुट गए.

35 मिनट तक चला इंटरव्यू

हिमांशु ने बताया कि इंटरव्यू पैनल में 6 लोग थे, जिन्होंने करीब 40 से 50 सवाल पूछे थे. और इंटरव्यू लगभग 35 मिनट चला था.

परिवार वालों ने दिया हौसला

हिमांशु जैन ने बताया कि दो बार असफल होने के बाद भी परिवार वालों ने हौसला बढ़ाया और हौसला को टूटने नहीं दिया. परिवार के लोग लगातार प्रोत्साहित करते रहे. इसका ही नतीजा है की यह एग्जाम पास हो सका.

इंटरव्यू में पूछे गए सवाल और उनके जवाब

प्रेजेंस ऑफ माइंड जानने के लिए हिमांशु के अंदर आते ही दूर से उनकी पासपोर्ट साइज फोटो दिखाकर सवाल किया कि ये फोटो किसकी है?

सवाल- ये फोटो किसकी है

जवाब- ये फोटो मेरी है.

सवाल- टेक्नोलॉजी ने आदमी की जिंदगी को आसान बना दिया है या पेचीदा?

जवाब- यह इस्तेमाल पर निर्भर करता है। अगर टेक्नोलॉजी संयमित तरीके से इस्तेमाल की जाए तो फायदेमंद है और असंयमित इस्तेमाल की जाए तो हानिकारक है.

सवाल- आप एक एनजीओ के साथ जुड़े रहे हैं, आपका क्या अनुभव रहा?

जवाब- कॉलेज में पढाई पूरी होने के बाद स्टूडेंट्स हॉस्टल में ही सामान छोड़ जाते थे. मैंने एक एनजीओ से जुड़ कर इस सामान को ज़रूरतमंद लोगों तक पहुंचाया.

सवाल- एनजीओ से जुड़ने का क्या फायदा है?

जवाब- इस तरह के काम से आपको अंदर तक ख़ुशी मिलती है और लगता है हां अपने सोसाइटी के लिए कुछ किया है.

सवाल- आप सिविल सर्विस और लाइफ के बीच कैसे संतुलन बनाएंगे?

जवाब- मैं पहले भी पढाई के साथ-साथ खेलता रहा हूं. आगे भी बैलेंस बना कर चलूंगा.

सवाल- आपके ब्यक्तित्व की क्या विशेषता है?

जवाब- मै अपने काम के प्रति समर्पित हूँ, इमानदारी से पूरा करने की कोशिश करता हूं.

सवाल- आपको IAS के लिए सेलेक्ट करने करने पर क्यों विचार करें?

जवाब- मुझे लोगों से जुड़ना बेहद पसंद है. मै सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी लाना चाहता हूं

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